मेरी जिंदगी में एक ऐसा शबाब आया खत लिखा जवानी में बुढ़ापे में जवाब आया
किया था वादा जो निभा न सका मजबूरी ऐसी थी परवाह न कर सका Lekhak:- Dharmveer Gaur
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